C Language में Tokens क्या होते हैं What is tokens in c language in Hindi

Tokens C language के syntax का एक हिस्सा है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको Tokens in c language के बारे में बताने वाले है। हर language को लिखने का एक तरीका होता है। उसी प्रकार c language को लिखने के कुछ rules और तरीके है जिनको हम यहाँ बताने वाले है। अगर आप C language में नए है और उसे सीखना चाहते हो तो सबसे पहले आपको C language का Syntax ध्यान में रखना आवश्यक है.

Syntax क्या होता है?
जिस प्रकार किसी भी भाषा में शब्द या वाक्य बनाने के लिए कुछ grammar rules पहले से ही define किए गए होते हैं उसी प्रकार प्रोग्रामिंग language के भी कुछ रुल्स पहले से define किए होते है जिनको फॉलो करना पड़ता है।
जिस प्रकार इंग्लिश में शब्द बनाने के लिए vovals का प्रयोग किया जाता है और पूरा वाक्य बनाने के लिए grammar रुल्स होते है। For Example अंग्रेजी में past tense के लिए was शब्द का प्रयोग होता है परंतु future tense में हम was शब्द का प्रयोग नहीं कर सकते।
उसी प्रकार C programming को लिखने के भी कुछ रुल्स होते है। किसी programming language को लिखने का जो तरीका होता है उसको syntax कहते है।
Basic Syntax in C programming
Syntax हमें बताता है कि किस तरह हमें step by step चीजें लिखनी होती है। प्रोग्राम में कहाँ क्या चीज डिफाइन करनी है ताकि आपको अपनी इच्छा अनुसार output मिल सके, ये सारी बातें हमें Syntax में सीखने को मिलती है।
header files
return_type main()
{
program codes
}

C language का basic syntax को बहुत सी पोपुलर language के द्वारा फॉलो किया जाता है। इसलिए आपको इसे अच्छे से जरूर समझना होगा। एक c program कई tokens से मिलकर बना होता है। यदि आप c लैंग्वेज के सभी tokens का use करना सिख जाते है तो आप इसके expert बन जाएंगे।
Tokens क्या होते है। Tokens in c language
मान लीजिए हमें कोई मकान बनाना है, उसके लिए हमें सबसे जरूरी और सबसे छोटी जो चीज चाहिए, वो ईंट होती है। जिस प्रकार ईंट के ऊपर ईंट रखकर दीवार बनाई जाती है और फिर दीवार से मकान बनाया जाता है। उसी तरीके से C प्रोग्राम में tokens का इस्तेमाल होता है।
Tokens are the building blocks of c programming.

Tokens In C Language कितने प्रकार के होते है?

Tokens के मुख्य रूप से 6 प्रकार होते है, जो इस प्रकार है:-
1. Keywords
2. Indentifier
3. Constant
4. Strings
5. Operations
6. Punctuator

1. Keywords :- C language में पहले से कुछ words fix होते हैं जिनको हम अपनी मर्जी से change नहीं कर सकते। इनको reserve words भी कहते हैं। इन शब्दों को हम identifier के रूप में इस्तेमाल नहीं कर सकते। जैसे:- main , Include शब्द फिक्स होते है। इनको keywords कहते है। इनका प्रयोग हर प्रोग्राम में किया जाता है। keywords को predefined tokens या reserved words भी कहते है
2. Identifier :- जब हम किसी variables को customizes करने के लिए उसे कुछ नाम देते है उसको Indentifier कहते है। इन नामो को देने के लिए भी कुछ नियम है जिनको follow करना पड़ता है यदि आप इन नियमो को follow नहीं करते है तो program में error आ जाता है।
जैसे:-
आप A से लेकर Z तक के small और capital दोनों के तरह के letters या फिर underscore में से किसी के साथ भी identifiers को start करकर सकते है इसके बाद आप digits और दुसरे characters या underscore का प्रयोग कर सकते है।
लेकिन आप इसको number value (0 से 9 ) से start नहीं कर सकते।
User define चीजों को नाम देने के लिए Indentifier का प्रयोग किया जाता है।
किसी कीवर्ड का उपयोग Identifiers के रूप में नहीं किया जा सकता
3. Constant :– इस टाइप के variable में स्टोर की गई वैल्यू हमेशा एक ही रहती है। Constant variable की वैल्यू को assigned करता है जिससे वो वैल्यू program के अंत तक same ही रहती है।
जैसे:-
const int abc =5;
अगर हम किसी variable की वैल्यू को एक ही रखना चाहते है। हम नहीं चाहते कि हमारे variable की value same ही रहे तो हम उस variable के आगे const लगा देते है।

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4. Strings :-जब हम हिन्दी में कोई वाक्य लिखते हैं तो उस पूरे वाक्य को खत्म करने के लिए पूर्ण विराम ( । ) का प्रयोग करते हैं उसी प्रकार c language में strings होता है। इसके लिए null character जैसे- h e\ \ 0\ \0 का प्रयोग किया जाता है। अगर हम ये नहीं लगाते तो जो प्रोग्राम हम आगे लिखते है वो भी इसके साथ mix होकर display हो जायगा। उसका जो meaning हम जो बताना चाहते हैं वो नहीं हो पाएगा।
5. Operations :- जिस प्रकार mathematics में किसी सवाल को solve करने के लिए operators होते हैं उसी प्रकार c language में भी इन्ही operaters का प्रयोग होता है। जैसे :-
=, -, *, + , इसके अलावा ==, ++, — भी होते हैं जिनकी एक reserved value होती है ।
Example :-
a =b +c ;
इसमें हम b और c variable की वैल्यू को a variable में स्टोर करते है। हम इन दोनों की वैल्यू को a में assign करते है।

6. Punctuator :- C language में कोई प्रोग्राम लिखते समय हमें कुछ special character की जरूरत होती है, इनको punctuator कहते है। जैसे:-
# :- Preprocessor directive यानि फाइल को import करने के लिए इसका प्रयोग होता है।
( ) :- ये हमें बताता है कि ये एक function है।
{ } :- Function को start और end करने के लिए।

इस आर्टिकल में हमने  tokens in c languageक्या होते है, इसके बारे में जाना। धीरे धीरे हम c language से जुड़े सभी टोपिक्स को विस्तार से बताएंगे। आप हमारे इन articles को फॉलो करके C language को आसानी से सिख पाओगे।

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